8वां वेतन आयोग: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खुशखबरी
केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए नया साल एक बड़ी उम्मीद लेकर आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है और इसके सदस्यों की घोषणा भी कर दी गई है। रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को इस आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पंकज जैन को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। यह आयोग अब केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन की गहन समीक्षा करेगा, जिसके आधार पर आने वाले समय में वेतन वृद्धि तय की जाएगी।
कर्मचारी लंबे समय से अपनी सैलरी में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें थोड़ा धैर्य और रखना होगा। वेतन आयोग की सिफारिशें आमतौर पर हर 10 साल में लागू होती हैं और उम्मीद है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होंगी। हालांकि, आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है, इसलिए वर्तमान में पुरानी यानी 7वें वेतन आयोग की व्यवस्था ही जारी रहेगी। कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी का लाभ तुरंत नहीं मिलेगा, लेकिन 1 जनवरी 2026 से एरियर मिलने की पूरी संभावना है।
सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह मुख्य रूप से ‘फिटमेंट फैक्टर’ पर निर्भर करेगा। पिछले आयोगों के रुझान को देखें तो 6वें वेतन आयोग में बेसिक सैलरी 1.92 गुना बढ़ी थी, जबकि 7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3% के बीच रह सकता है, जिससे कर्मचारियों के वेतन में 20 से 35 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। यह नया वेतन ढांचा पे मैट्रिक्स के 18 स्तरों पर काम करने वाले सभी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर लागू होगा।
यह आयोग न केवल कार्यरत कर्मचारियों बल्कि रिटायर्ड पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि पेंशन संशोधन भी इसकी प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है। हालांकि रिपोर्ट आने और सरकार द्वारा इसे पूरी तरह लागू करने में 2027 या 2028 तक का समय लग सकता है, लेकिन इसका आर्थिक लाभ कर्मचारियों को पिछले प्रभाव (जनवरी 2026) से ही मिलेगा। फिलहाल, सरकार द्वारा कमेटी का गठन और टर्म ऑफ रेफरेंस को मंजूरी देना यह साफ करता है कि 8वां वेतन आयोग अब कोई अफवाह नहीं बल्कि एक हकीकत है।