01 जनवरी से LPG से किसान कार्ड,पेट्रोल-डीजल सब में बड़े बदलाव
1 जनवरी 2026 से आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी में कई महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। सबसे प्रमुख बदलावों में आधार और पैन कार्ड को लिंक करने की समय सीमा शामिल है। यदि इस तारीख तक लिंक करने की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तो पैन कार्ड निष्क्रिय हो सकता है, जिससे बैंकिंग लेनदेन, आयकर रिटर्न और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भारी असुविधा हो सकती है। इसके साथ ही, डिजिटल सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए यूपीआई (UPI) और सिम कार्ड खरीदने के वेरिफिकेशन नियमों को भी और अधिक सख्त बनाया जा रहा है ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम लगाई जा सके।
आर्थिक मोर्चे पर देखें तो महीने की पहली तारीख को एलपीजी और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा की जाएगी, जिसका सीधा असर रसोई के बजट पर पड़ सकता है। सरकारी कर्मचारियों के लिए भी यह साल खुशखबरी ला सकता है, क्योंकि आठवें वेतन आयोग के लागू होने और महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा, विमान ईंधन की कीमतों में होने वाले बदलावों के कारण आने वाले समय में हवाई यात्रा के किराए में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
किसानों और वाहन खरीदारों के लिए भी नए नियम लागू होने वाले हैं। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अब पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त प्राप्त करने के लिए ‘यूनिक किसान आईडी’ अनिवार्य कर दी गई है। साथ ही, फसल बीमा के नियमों में विस्तार करते हुए अब जंगली जानवरों द्वारा किए गए नुकसान का मुआवजा भी मिलेगा, बशर्ते इसकी रिपोर्ट 72 घंटे के भीतर दी जाए। दूसरी ओर, निसान और रेनॉल्ट जैसी बड़ी कंपनियों द्वारा वाहनों की कीमतों में 3% तक की वृद्धि की संभावना है, जिससे नई कार खरीदना महंगा हो सकता है।
अंत में, सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी सरकार सख्त रुख अपना सकती है। विशेष रूप से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग की सीमा तय करने पर विचार किया जा रहा है। वहीं, आयकर रिटर्न की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक नया इनकम टैक्स फॉर्म आने की उम्मीद है, जिसमें बैंक ट्रांजैक्शन का विस्तृत ब्योरा होगा। ये सभी बदलाव यह दर्शाते हैं कि नया साल डिजिटल सुरक्षा, आर्थिक प्रबंधन और सरकारी सुविधाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में एक नया कदम होगा।